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मधुर तान मुरली की

मधुर तान मुरली की आकर अब  सुना जा
हे माखन चोर कन्हैया ,इस कलयुग में आजा !!

हे कान्हा ,कृष्णा ,मुरारी तुमको ,द्रौपदी आज पुकार रही
दू:शासन के चंगुल में फसी ,बस तेरी बाट निहार रही
इन सिरफिरे आततायीओं को आकर सबक सीखा जा
हे दाऊ के छोटे भैया इस कलयुग में आजा

रक्त रंजीत माँ भारती पुकारे ,भाई आज भाई को मारे
बेटा मौज की कश्ती में है ,  माँ बाप रो रहे बेचारे
हे राश रचइया भगवन आकर प्रेम का पाठ पढ़ा जा
हे मोहन श्याम बिहारी इस कलयुग में आजा

निराशा के चादर ने घेरा ,चारो ओर दिख रहा अँधेरा
बीत रही न काली रातें ,खुशियों वाला करो सबेरा
हे मधुसूदन आकर सबको कर्म की महत्ता बतला जा
हे नन्द के लाला इस कलयुग में आजा

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